सरकार विपद व्यवस्थापनमे प्रदेश आ स्थानीय तहके समवंयमे निरन्तर खटल छै : प्रधानमन्त्री


काठमाण्डू, १९ आसिन : प्रधानमन्त्री वालेन्द्र शाह संघ, प्रदेश आ स्थानीय सरकार बीचक आपसी समवंयमे उच्च प्राथमिकतासहित विपद व्यवस्थापन काज भ रहल बतौलैन अइछ ।

सिंहदरबारस्थित प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद कार्यालयमे आइ बैसल विपद जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन राष्ट्रिय परिषदक २१म बैसारमे प्रधानमन्त्री शाह सरकार कोनो किसिमके सम्झौता कएने बिना विपद व्यवस्थापनमे निरन्तर खइट रहल स्पष्ट केलैन ।

प्रधानमन्त्री शाह मुख्यमन्त्रीसभकेँ लक्षित करैत कहलैन, “हमसभ उपलब्ध स्रोत साधन आ जनशक्ति परिचालन क शिघ्र विपद व्यवस्थापनके काज सम्पन्न करबाक तैयारीमे छै । तइ, अइ विषयमे निश्चिन्त होबाक लेल आग्रह करैत छी ।” बैसारमे गण्डकी, बागमती, मधेश आ कोशी प्रदेशक मुख्यमन्त्रीसभक सेहो सहभागिता छलैन ।

भोटेकोशी–त्रिशूली, गण्डकी सङे अन्य क्षेत्रमे आएल बाइढ़/भूस्खलनके क्षतिके सेहो अध्ययनसहित ओकर व्यवस्थापनमे सरकार जुइट रहल ओ बतौलैन ।

विपद जोखिम न्यूनीकरणक लेल सरकार पूर्वसूचना प्रणालीकेँ थप सुदृढ़ आ व्यवस्थित बनेबाक लेल काज क रहल प्रधानमन्त्री शाह उल्लेख केलैन । तहिना, सरकार हिम भूस्खलनके जोखिम न्यूनीकरणके लेल सेहो आवश्यक काज क रहल हुनक कहब छलैन ।

अइ विपद व्यवस्थापनमे अपन जान जोखिममे राइख निरन्तर खटल राष्ट्रसेवक कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, स्वयंसेवक, राजनीतिक दलक प्रतिनिधिलगायत सबप्रति प्रधानमन्त्री शाह कृतज्ञता व्यक्त केलैन ।

बैसारमे नेपाली कांग्रेस संसदीय दलक नेता भीष्मराज आङ्देम्बे विपदके समयमे सब एकजुट भ आगु बढ़बाक धारणा व्यक्त करैत उद्धार, राहतलगायतक काजमे आवश्यक सहयोग आ सहकार्य करबाक लेल हमसभ सैदखन तैयार रहल स्पष्ट केलैन ।

बैसारमे गण्डकी प्रदेश सरकारक मुख्यमन्त्री सुरेन्द्रराज पाण्डे आसिन ९ गतेसँ ११ गतेधैर गण्डकी प्रदेशमे आएल बाइढ़क कारण पैघ क्षति भेल उल्लेख करैत पुनःनिर्माणके लेल ‘प्याकेज’ आवश्यक भेल बतौलैन । हुनक कहब अनुसार गण्डकी प्रदेशमे बितल समय बाइढ़ तथा भूस्खलनके कारण ३५ गोटेके मृत्यु भेल अइछ, तँ पाँच गोटे बेपत्ता आ १५ गोटे घायल भेल अइछ ।

“बाइढ़के कारण ४ सओ ६टा घरमे पूर्णरूपमे आ ७ सओ ३६ टा घरमे आंशिक क्षति भेल छै । २६ किलोमिटर सड़क अवरुद्ध भेल अइछ, तँ एक सओ ३६ टा स्थानपर सड़क तथा पुलभे क्षति भेल छै”, ओ कहलैन । मध्यपहाड़ी लोकमार्ग, कालीगण्डकी करिडोरअन्तर्गत सिद्धार्थ राजमार्ग, डुम्रे बेशीसहर चामे सड़कलगायतक सड़क बाइढ़सँ क्षति भेल मुख्यमन्त्री पाण्डे जानकारी देलैन ।

सड़क मर्मतके लेल तत्काल करिब ३५ करोड़ आ पुल मर्मतके लेल तीन अरब ८७ करोड़ टका खर्च लागबाक अनुमान अइछ । तहिना, सड़क तथा पुलके स्थानीय पुनर्निर्माण लागतके लेल करिब आठ अरब ३७ करोड़ टकासँ बेसी खर्च लागबाक हुनक कहब छलैन ।

कोशी प्रदेश सरकारक मुख्यमन्त्री हिक्मत बहादुर कार्की नेपालदिसक मोहड़ामे रहल ४७ टा हिमताल विस्फोटके उच्च जोखिममे रहल आ ओइमध्ये ४२ टा कोशी जलाधार क्षेत्रमे रहल उल्लेख करैत पूर्व सूचना प्रणालीकेँ थप प्रभावकारी बनेबाक आवश्यक रहल धारणा व्यक्त केलैन ।

मधेश प्रदेश सरकारक मुख्यमन्त्री कृष्ण प्रसाद यादव तराई–मधेशमे पिबैबला पाइनके पैघ समस्या रहल उल्लेख करैत ओइके जल्दी व्यवस्थापन करबाक लेल जोड़ देलैन । “तराई मधेशमे अखन जमिनक तरमे पाइक सतह कमजोर भ रहल छै । दिपावलीके बाद थप समस्या हएत । अइ लेल केन्द्र सरकारक साथ आवश्यक छै,” ओ कहलैन ।

बागमती प्रदेश सरकारक मुख्यमन्त्री किरण थापा मगर बितल भादब १० गतेसँ बाइढ़ प्रभावित क्षेत्रमे संघ आ स्थानीय सरकारसँ समवंय क प्रदेश सरकार काज क रहल बतौलैन ।

तहिना, बाइढ़ प्रभावितके लेल विदुर नगरपालिका–२ राममन्दिरस्थित लामिडाँडाके सामुदायिक वनमे भेल जग्गा सट्टा भर्ना करैजका व्यवस्थापन क सकबाक धारणा व्यक्त केलैन । ओ कहलैन, “लामिडाँडामे एक हजार एक सओ ८५ रोपनी सामुदायिक वन आ करिब ४ सओ रोपनी निजी जग्गा छै । उक्त जग्गाकेँ ‘ल्यान्ड पुलिङ’क सुरक्षित स्थानान्तरण कएल जा सकैय ।” (रासस)

ताजा खबर
लोकप्रिय